"दिसंबर की पहली एकादशी मोक्षदा एकादशी भी पढ़ें" "सफलता के लिए सफला एकादशी का व्रत रखें"

तो मेरी प्यारी बहनों, आज मैं बताने वाली हूँ साल की आखिरी और सबसे खास एकादशी के बारे में – पुत्रदा एकादशी। ये 30 दिसंबर 2025 को आ रही है। मेरी दादी माँ कहती थी – “बेटी, ये एकादशी संतान का आशीर्वाद देती है। जो couple बच्चे की चाह रखते हैं, उनके लिए ये वरदान है!” और सच बताऊं, इस व्रत की ताकत देखकर मैं भी हैरान हूँ।
पुत्रदा एकादशी क्या है? क्या तुम जानना चाहोगे—
“पुत्रदा” का मतलब है – पुत्र देने वाली। पौष महीने के शुक्ल पक्ष की ये एकादशी बच्चों की कामना के लिए सबसे powerful मानी जाती है। South India में इसे वैकुंठ एकादशी या मुक्कोटि एकादशी भी कहते हैं – इस दिन वैकुंठ के द्वार खुल जाते हैं!
भविष्य पुराण में भगवान कृष्ण ने युधिष्ठिर से कहा था – इस एकादशी का व्रत 100 राजसूय यज्ञ और 1000 अश्वमेध यज्ञ से भी बड़ा फल देता है!
Special बात: ये सिर्फ बच्चों की कामना के लिए नहीं, बल्कि जो parents अपने बच्चों की सेहत और खुशी चाहते हैं, वो भी रखते हैं।
2025 में तारीख और समय 📅
• व्रत की तारीख: 30 दिसंबर 2025 (मंगलवार) • एकादशी तिथि शुरू: 30 Dec, सुबह 5:50 बजे • एकादशी तिथि समाप्त: 31 Dec, सुबह 3:00 बजे • पारण समय: 31 दिसंबर, सुबह 8:12 से 9:11 बजे के बीच
राजा सुकेतुमान की कहानी – आशा की किरण —-
चलो अब मैं तुम्हे वो कहानी बताती हूँ जो मेरी दादी सुनाया करती थी।
बहुत पुराने समय में भद्रावती नगर में राजा सुकेतुमान राज्य करते थे। उनकी रानी का नाम था शैब्या। राजा-रानी के पास सब कुछ था – धन, वैभव, राज्य। लेकिन एक चीज नहीं थी जिसकी उन्हें सबसे ज्यादा जरूरत थी – संतान। 😢
रानी शैब्या रोज सुबह उठकर मंदिर जाती, भगवान से प्रार्थना करती – “हे प्रभु, मुझे एक बच्चा दे दो।” राजा भी बहुत परेशान रहते थे। वो सोचते – “मेरे बाद कौन राज्य संभालेगा? कौन हमारे पूर्वजों को तर्पण देगा?”
दोनों इतने दुखी थे की जीवन में खुशी नहीं रही। महल भी खाली-खाली लगता था। एक दिन राजा ने सोचा – “इससे अच्छा तो मैं प्राण त्याग दूँ।” लेकिन फिर उन्हें लगा की आत्महत्या तो पाप है।
परेशान होकर राजा एक दिन अपने घोड़े पर सवार होकर जंगल की ओर निकल पड़े। कोई नहीं जानता था वो कहाँ गए हैं। जंगल में वो घूमते रहे – देखते रहे जानवरों को, पक्षियों को। हर जानवर के साथ उसके बच्चे थे। ये देखकर राजा और भी दुखी हो गए।
ऋषियों से मुलाकात होने पर—
दोपहर हो गई। राजा को बहुत भूख-प्यास लगी। तभी उन्हें एक खूबसूरत सरोवर दिखा। वहां कुछ महान ऋषि स्नान कर रहे थे। राजा ने घोड़े से उतरकर ऋषियों को प्रणाम किया।
ऋषियों ने पूछा – “हे राजन, आप यहाँ कैसे? क्या चाहते हो?”
राजा ने पूछा – “हे महर्षि, आप कौन हैं? यहाँ क्यों आए हैं?”
ऋषि बोले – “हम विश्वदेव हैं। आज पुत्रदा एकादशी है। इस सरोवर में स्नान करने आए हैं। जो इस एकादशी का व्रत रखता है, भगवान विष्णु की कृपा से उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं, खासकर संतान की कामना।”
ये सुनते ही राजा की आँखें चमक उठीं! उन्होंने हाथ जोड़कर कहा – “हे महर्षि, मुझे संतान नहीं है। अगर आप प्रसन्न हैं तो मुझे संतान का आशीर्वाद दें!”
ऋषियों ने कहा – “राजन! आज ही पुत्रदा एकादशी है। तुम आज व्रत रखो, पूरी श्रद्धा से भगवान विष्णु की पूजा करो। भगवान की कृपा से तुम्हे जरूर संतान प्राप्त होगी।”
चमत्कार और आशीर्वाद ✨क्या हो सकता है चलो देखते है—-
राजा ने उसी दिन पूरी तैयारी से व्रत रखा। ऋषियों के साथ रहकर, पूरे दिन उपवास किया, रात भर जागरण किया, भगवान विष्णु की स्तुति की। अगले दिन द्वादशी को पारण किया और ऋषियों को प्रणाम करके वापस महल लौट आए।
और फिर… चमत्कार हुआ! कुछ ही समय बाद रानी शैब्या गर्भवती हो गई! 🎉 ठीक ऋषियों ने जैसा कहा था, वैसा ही हुआ। नौ महीने बाद एक सुंदर, तेजस्वी पुत्र का जन्म हुआ!
पूरे राज्य में खुशियाँ छा गई! महल में दीये जले, मिठाइयाँ बांटी गई। राजा-रानी की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वो पुत्र बड़ा होकर एक वीर और न्यायप्रिय राजा बना। प्रजा का उसने बेटे की तरह ध्यान रखा।
Moral(इस कहानी से हमे क्या सिख मिली): भगवान की कृपा से कुछ भी असंभव नहीं। सच्ची श्रद्धा और विश्वास से भगवान हर मनोकामना पूरी करते हैं।
पूजा विधि – Step by Step
एक दिन पहले (29 दिसंबर):
• शाम को एक बार सात्विक खाना • रात का खाना avoid करें • Early सोने की कोशिश करें
एकादशी के दिन (30 दिसंबर):
सुबह की तैयारी:
- सूर्योदय से पहले उठें
- स्नान करें, साफ कपड़े पहनें (पीले/सफेद best)
- संकल्प लें: “हे भगवान विष्णु, मैं आज पुत्रदा एकादशी का व्रत रख रही हूँ।”
पूजा सामग्री: • तुलसी के पत्ते 🌿 (बहुत important!) • पीले फूल 🌼 • फल: केला, नारियल, अनार • पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, चीनी) • धूप, दीया, अगरबत्ती • लौंग, इलायची
पूजा करें:
- भगवान विष्णु की मूर्ति को जल से स्नान कराएं
- पंचामृत से अभिषेक करें
- नए वस्त्र अर्पित करें
- तुलसी, फूल, फल चढ़ाएं
- धूप-दीप करें
- मंत्र जाप (108 बार):
“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” या “ॐ विष्णवे नमः”
- कथा पढ़ें या सुनें
- आरती करें
पूरे दिन:
• अच्छे विचार रखें • झूठ, झगड़ा, गुस्सा avoid • भजन सुनें 🎵 • अगर possible हो तो रात भर जागरण करें
व्रत में क्या खाएं 🍽️
तीन Options:
- निर्जला: पानी भी नहीं (बहुत कठिन)
- जलाहार: सिर्फ पानी
- फलाहार: फल और व्रत की चीजें (most common)
खा सकते हो ✅: • फल: केला, सेब, अंगूर, अनार • दूध, दही, पनीर, मक्खन • साबूदाना, मखाना, आलू, कुट्टू • सिंघाड़ा, शकरकंद • नारियल पानी, फलों का रस • सूखे मेवे, सेंधा नमक • शहद, गुड़
बिल्कुल नहीं ❌: • चावल, गेहूं, सभी अनाज • दालें • प्याज-लहसुन • मांस-अंडे • शराब, धूम्रपान
मेरा Routine: सुबह: दूध + केला दोपहर: फलों की चाट या साबूदाना शाम: नारियल पानी रात: आलू की सब्जी, दही
कसे करना है (31 दिसंबर) —
समय: सुबह 8:12 से 9:11 बजे
कैसे खोलें:
- स्नान करें
- भगवान को धन्यवाद दें
- गरीबों/ब्राह्मणों को दान दें
- पहले फल/दूध खाएं
- फिर normal खाना
फायदे – क्या क्या मिल सकता है चलो देखते है 🎁
मुख्य फायदे:
• संतान प्राप्ति – बच्चों की कामना पूरी होती है 👶 • बच्चों की सेहत – मौजूदा बच्चों का स्वास्थ्य अच्छा रहता है • पापों का नाश – पिछले जन्मों के पाप धुल जाते हैं • मोक्ष की प्राप्ति – जीवन के बाद मुक्ति मिलती है • परिवार में खुशियां – घर में सुख-शांति बनी रहती है
अन्य फायदे:
• मन की शांति और स्थिरता 🧘♀️ • रिश्तों में सुधार ❤️ • भगवान विष्णु की विशेष कृपा 🙏 • आध्यात्मिक उन्नति • जीवन में समृद्धि
मेरा Personal Experience—
मेरी एक दोस्त थी – नेहा। शादी के 5 साल बाद भी उसे बच्चा नहीं हो रहा था। सभी डॉक्टर, सभी इलाज try किए लेकिन कोई फायदा नहीं। वो बहुत depressed रहने लगी थी।
एक दिन मेरी माँ ने उससे कहा – “बेटी, तुम पुत्रदा एकादशी का व्रत रखो। भगवान विष्णु की कृपा से सब ठीक हो जाएगा।”
नेहा ने पहले तो doubt किया लेकिन फिर सोचा – “चलो try तो करते हैं।” उसने पूरी श्रद्धा से व्रत रखा। मैं भी उसके साथ थी। हमने साथ में पूजा की, भजन सुने।
और विश्वास करो… 6 महीने बाद नेहा pregnant हो गई! 🎉 अब उसकी एक प्यारी सी बेटी है। वो हर साल पुत्रदा एकादशी का व्रत जरूर रखती है – अब अपनी बेटी की सेहत और खुशी के लिए।
मने जो सीखा: कभी-कभी medicine काम नहीं करती, लेकिन faith और भगवान की कृपा हर चीज को possible बना देते हैं। 💖
दान का महत्व 🎁
पुत्रदा एकादशी पर दान बहुत important है: • गरीबों को खाना खिलाओ • बच्चों के कपड़े दान करो • ब्राह्मणों को दान दो • गाय को चारा खिलाओ • Orphanage में contribute करो
याद रखो: दान की quantity नहीं, intention important है। 💝
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।
जय श्री विष्णु! जय श्री कृष्ण! 🙏✨
नोट: दिसंबर 2025 की तीनों एकादशी:
- मोक्षदा – 1 Dec (मोक्ष और गीता का ज्ञान)
- सफला – 15 Dec (सफलता की गारंटी)
- पुत्रदा – 30 Dec (संतान का आशीर्वाद) ⭐
तीनों powerful हैं, लेकिन हर एकादशी का अपना विशेष महत्व है। अगर संतान की चाह है तो पुत्रदा एकादशी miss मत करना! 👶💖
Disclaimer: ये blog personal experience और traditional knowledge पर आधारित है। Health issues में doctor से जरूर consult करें। Faith important है लेकिन medical treatment भी जरूरी है। 🏥💚