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तो मेरी प्यारी बहनों, आज मैं बताने वाली हूँ सफला एकादशी के बारे में – 15 दिसंबर 2025 को। मेरी दादी माँ कहती थी – “बेटी, अगर सफलता चाहिए तो सफला एकादशी जरूर रखना। ये असफलता को सफलता में बदल देती है!”
सफला एकादशी क्या है? 🌟
“सफला” का मतलब है सफलता। पौष महीने के कृष्ण पक्ष की ये एकादशी नए साल की पहली एकादशी मानी जाती है। ब्रह्मांड पुराण के अनुसार, इस व्रत का फल 100 राजसूय यज्ञ और 1000 अश्वमेध यज्ञ से भी ज्यादा है!
फायदे:
- हर काम में सफलता ✨
- खोई चीजें वापस मिलती हैं
- बुरी किस्मत बदल जाती है 🍀
- मनोकामनाएं पूरी होती हैं
- पापों का नाश
2025 में तारीख और समय 📅
- व्रत: 15 दिसंबर 2025 (सोमवार)
- एकादशी तिथि: 14 Dec शाम 6:49 बजे से 15 Dec रात 9:19 बजे
- पारण समय: 16 December, सुबह 7:07 से 9:11 बजे
राजकुमारी लुम्पका की कहानी 💪
चम्पावती नगर में राजा महिष्मत की बड़ी बेटी लुम्पका बहुत पापी थी। जुआ खेलती, शराब पीती, ब्राह्मणों का अपमान करती। राजा ने गुस्से में उसे राज्य से निकाल दिया। 😰
लुम्पका जंगल में रहने लगी। एक बरगद के पेड़ के नीचे, जहां विष्णु जी की मूर्ति थी। सफला एकादशी से एक दिन पहले, भयंकर ठंड में वो सो नहीं पाई। सुबह बेहोश हो गई। जब दोपहर में होश आया तो बहुत कमजोर थी।
शिकार नहीं कर पाई। भूखी-प्यासी, गिरे हुए फल मिले लेकिन खा नहीं पाई। रोते हुए उसने वो फल विष्णु जी को चढ़ा दिए – “हे भगवान, मेरा क्या होगा?” पूरी रात रोती रही, सो नहीं पाई। 😢
अनजाने में उसने सफला एकादशी का व्रत कर लिया – पूरे दिन व्रत, पूरी रात जागरण!
चमत्कार ✨
अगली सुबह आकाश से आवाज आई – “तुमने सफला एकादशी का व्रत रखा। तुम्हारे पाप धुल गए। पिता के पास जाओ, राज्य मिलेगा।”
एक दिव्य घोड़ा प्रकट हुआ। लुम्पका वापस गई – स्वस्थ, सुंदर, तेजस्वी। राजा ने माफ कर दिया। वो अच्छे से राज्य चलाई, शादी हुई, बच्चे हुए। बुढ़ापे में भक्ति की और वैकुंठ गई। 🌈
पूजा विधि 🕉️
एक दिन पहले (14 Dec):
शाम को एक बार खाना, रात का खाना नहीं।
एकादशी के दिन (15 Dec):
- सूरज से पहले उठो, नहाओ
- सफेद/पीले कपड़े पहनो
- संकल्प लो: “हे भगवान विष्णु, मैं सफला एकादशी का व्रत रख रही हूँ”
- पूजा सामग्री: तुलसी पत्ते 🌿, पीले फूल 🌼, फल (नारियल, नींबू, अनार), सुपारी, पान, धूप, दीया, पंचामृत, लौंग
- मंत्र जाप (108 बार): “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय”
- कथा सुनो, आरती करो
- पूरे दिन: अच्छे विचार, कोई झूठ/झगड़ा नहीं, भजन सुनो
- रात जागरण (possible हो तो)
व्रत में क्या खाएं 🍽️
तीन Options:
- निर्जला: पानी भी नहीं (बहुत कठिन)
- जलाहार: सिर्फ पानी
- फलाहार: फल और व्रत की चीजें (सबसे आम)
खा सकते हो ✅:
फल (केला, सेब, अंगूर), दूध, दही, पनीर, साबूदाना, मखाना, आलू, कुट्टू, सिंघाड़ा, नारियल पानी, सूखे मेवे, सेंधा नमक
बिल्कुल नहीं ❌:
चावल, गेहूं, दालें, प्याज-लहसुन, पालक, मांस-अंडे, शराब
मेरा व्रत खाना:
सुबह: दूध+केला | दोपहर: फल या साबूदाना | शाम: नारियल पानी | रात: कुट्टू की पूड़ी या आलू
कसे करना है चलो मैं बताती हु अपने अंदाज में (16 Dec) —
समय: सुबह 7:07 से 9:11 बजे
- नहाओ
- भगवान को धन्यवाद
- गरीब/गाय को दान
- फल/दूध से व्रत खोलो
मेरा Experience 💝
दो साल पहले job नहीं मिल रही थी। हर interview में last round में reject। दादी ने कहा – “सफला एकादशी रखो।”
मने पूरी श्रद्धा से व्रत रखा। मंदिर में प्रार्थना की – “हे प्रभु, सही job दिला दो।” तीन हफ्ते बाद एक बढ़िया company से call आया, direct final round! Job मिल गई – ज्यादा salary के साथ! 🎉
सबसे बड़ी बात – मुझमें confidence आ गया, family relations improve हुए। अब हर साल ये व्रत जरूर रखती हूँ। 💖
Important Tips ⚠️
- Period में: कोई problem नहीं, व्रत रख सकती हो
- Pregnant: Doctor से पूछो, partial fast रखो
- Health issues: Medicines लो, partial fast
- Accidentally गलत खाया: Sorry बोलो, आगे ध्यान रखो
- First time: फलाहार से start करो
- Working women: Office में fruits/साबूदाना carry करो
- Travelling: Dry fruits साथ रखो
आखिर में 🙏
15 दिसंबर 2025 को ये व्रत जरूर करो। भले निर्जला नहीं, फलाहार तो रखो। नहीं तो बस grains avoid करो और पूजा करो।
Remember:
- Perfect नहीं, कोशिश जरूरी है
- भगवान effort देखते हैं
- Faith रखो, patience रखो
सफला एकादशी तुम्हे सफलता, शांति और समृद्धि दे। भगवान विष्णु की कृपा बनी रहे। 🌟
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय। जय श्री विष्णु! 🙏✨
नोट: दिसंबर 2025 में तीन एकादशी:
- मोक्षदा – 1 Dec (गीता एकादशी)
- सफला – 15 Dec (Success एकादशी) ⭐
- पुत्रदा – 30 Dec (वैकुंठ एकादशी)
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