राहुकाल क्या है, इसका महत्व, सही समय और नियम क्या हैं? जानें राहुकाल की आसान हिंदी में जानकारी, क्या करें और क्या न करें, और सरल उपाय।
जब भी मैं कोई नया काम शुरू करने की सोचता हूँ, एक चीज़ मुझे हमेशा सुनाई देती है — कोई भी सुबह काम करने से पहले राहुकाल जरूर देख लेना या फिर “राहुकाल में मत करना।”
तो आखिर क्या है ये राहुकाल क्यों लोग इससे डरते है? क्यों कोई नया काम सुरु नहीं करता ?इस दिन चलो आज जान ही लेते है —
पहले मुझे भी लगता था कि आखिर ये Rahu Kaal होता क्या है?
क्यों हर कोई इससे बचने की सलाह देता है?
धीरे-धीरे जब मैंने astrology पढ़ी, लोगों से पूछा, और खुद observe किया, तब समझ आया कि यह सिर्फ विश्वास नहीं, बल्कि एक practical concept भी है।

राहुकाल क्या है? (Simple Explanation)
राहुकाल दिन का वह time होता है जब कोई भी नया शुभ काम शुरू करना ठीक नहीं माना जाता।
क्योंकि मानना यह है कि इस समय Rahu ग्रह का असर ज्यादा होता है, जो confusion, delay और obstacles का कारण बन सकता है। इस समय कुछ नया करने से लोगो के काम ज़्यदातर बिगड़ते ही है या फिर काम में कोई बाधा आती है।
मेरे experience में लोग इस समय:
- नया काम
- investment
- important journey
- big decisions
ये सभी काम करना पसंद नहीं करते है|
राहुकाल का महत्व (Importance)क्या है —
मेरे हिसाब से राहुकाल important इसलिए माना जाता है क्योकि इस समय इन सभी चीज़ो का जयदा असर होता है —
- Rahu का ज्यादा प्रभाव
राहु को shadow planet कहा गया है और यह mind और decisions पर effect डाल सकता है।
- नया काम अटक सकता है
कई लोग कहते हैं कि “काम शुरू किया, मगर delay हो गया”—इसे लोग राहुकाल से जोड़ते हैं।
- पूजा-पाठ के लिए भी सही नहीं
Astrology के मुताबिक इस समय पूजा शुरू करना शुभ नहीं होता।

राहुकाल का समय कैसे निकलता है? (Rahu Kaal Time)
राहुकाल हमेशा सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच आता है और हर दिन का समय अलग होता है। सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को 8 हिस्सों में बाँटा जाता है।
हर दिन एक खास हिस्सा राहुकाल कहता है। जिसे में तुम्हे आसानी से समझाने की कोसिस करता हु —-
सामान्य नियम (औसत समय)
(स्थान और तारीख के अनुसार थोड़ा बदलता है)
| दिन | राहुकाल समय |
|---|---|
| सोमवार | 07:30 – 09:00 |
| मंगलवार | 15:00 – 16:30 |
| बुधवार | 12:00 – 13:30 |
| गुरुवार | 13:30 – 15:00 |
| शुक्रवार | 10:30 – 12:00 |
| शनिवार | 09:00 – 10:30 |
| रविवार | 16:30 – 18:00 |
जरूरी नोट: यह सिर्फ औसत समय है।
सही राहुकाल आपकी जगह के सूर्योदय पर निर्भर करता है।
राहुकाल में क्या नहीं करना चाहिए? (मेरी सलाह) 🕉️
तो दोस्तों, आज मैं बताने वाला हूँ राहुकाल के बारे में। मेरी दादी माँ हमेशा कहती थी – “बेटा, राहुकाल में कोई नया काम मत शुरू करना।” पहले मुझे समझ नहीं आता था, लेकिन अब मैं खुद भी इसे मानता हूँ।
राहुकाल में क्या avoid करें?
मैं खुद भी इन कामों से बचता हूँ:
- नया काम शुरू करना
- पूजा, हवन, मंत्र साधना
- यात्रा शुरू करना
- पैसे का लेन-देन, investment
- बड़ा फैसला लेना
- Interview, important meeting
क्या कर सकते हैं? ✅
- पहले से चल रहे काम
- पढ़ाई, रिसर्च, planning
- Office का routine काम
- घर के सामान्य कार्य
बस नया काम शुरू मत करो!
अगर काम करना ही पड़े?
- ओम नमः शिवाय का 108 बार जप
- काला तिल या उड़द दान
- शिव जी को जल
- काला धागा बांधना

मेरी राय और अनुभव 💭
मेरे दादा जी हमेशा कहते थे – “बेटा, राहुकाल को ignore मत करना। ये तुम्हारे भले के लिए है।” और सच बताऊं, मैंने इसे खुद experience किया है।
एक बार की बात है, मुझे एक important meeting के लिए जाना था। मैं घर से निकलने वाला था तभी दादा जी ने रोका – “बेटा, राहुकाल चल रहा है। थोड़ी देर रुक जाओ।” लेकिन मैं नहीं माना, time की tension थी।
जब मैं निकला, रास्ते में गाड़ी खराब हो गई, फिर traffic में फंस गया, और meeting में late पहुंचा। पूरा दिन खराब रहा। उस दिन के बाद से मैंने decide किया कि अगर possible हो तो राहुकाल में कोई important काम शुरू नहीं करूंगा।
दादा जी ने समझाया था – “देखो बेटा, ये superstition नहीं है। ये तुम्हारे ancestors का experience है। वो जानते थे कि कुछ समय ऐसे होते हैं जब energy disturbed रहती है। इसलिए थोड़ा सा wait करना better है।”
और सच में, जब से मैं इसे follow करता हूँ, मेरे काम smooth होते हैं। अगर कभी राहुकाल में urgent काम पड़ जाए, तो मैं पहले ओम नमः शिवाय का जाप करता हूँ। Mind peaceful हो जाता है और फैसले अच्छे लेता हूँ।
आखिर में:
👉 अगर संभव हो तो राहुकाल में नया काम avoid करें।
👉 अगर करना पड़े तो ऊपर बताए उपाय जरूर कर लें।
👉 ये सिर्फ tradition नहीं, experience है।
विश्वास करो या ना करो, लेकिन precaution लेना बुरा नहीं! जैसे हम helmet पहनते हैं bike चलाते समय, वैसे ही ये भी एक precaution है। Better safe than sorry!
मेरे दादा जी का एक quote था जो मुझे हमेशा याद रहता है – “बुद्धिमान वो है जो दूसरों की गलतियों से सीखे, और ज्यादा बुद्धिमान वो है जो अपने बुजुर्गों की सलाह माने।”
तो दोस्तों, राहुकाल को respect दो, अपने काम का timing देखो, और अगर थोड़ा सा wait करना पड़े तो कर लो। Life में कुछ चीजें होती हैं जिन्हें हम पूरी तरह समझ नहीं सकते, लेकिन मानना फायदेमंद होता है।
Frequently Asked Questions (FAQ)
1. राहुकाल क्यों देखा जाता है?
राहुकाल अशुभ माना जाता है। इस समय राहु का प्रभाव बढ़ने से नया कार्य बाधित हो सकता है।
2. क्या राहुकाल में यात्रा शुरू कर सकते हैं?
शुभ यात्रा की शुरुआत राहुकाल में नहीं करनी चाहिए। पर ongoing यात्रा जारी रख सकते हैं।
3. क्या राहुकाल में पूजा कर सकते हैं?
नया पूजा-पाठ शुरू नहीं करना चाहिए, लेकिन पहले से चल रहा हो तो रोकना नहीं चाहिए।
4. राहुकाल कितने समय का होता है?
लगभग 1 घंटा 30 मिनट का होता है और sunrise–sunset के बीच आता है।
5. क्या राहुकाल हर जगह एक ही समय होता है?
नहीं। यह आपकी location के sunrise time पर depend करता है।
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