Premanand Ji Maharaj के अनुसार एकादशी व्रत के 3-दिन के नियम जानें। Fasting या Feasting? देखिये असली Vrat Vidhi और Parents की सेवा का महत्व।
Nakshatra AI | 2025
📅 Ekadashi: The “हरितोष” Vrat:—
तो दोस्तों चलो, आज मैं आपको एक बहुत ही eye-opening topic पर बताने वाला हूँ। हम सब एकादशी का व्रत तो रखते हैं, लेकिन क्या सच में हम “व्रत” रख रहे हैं या “Feast” (दावत) कर रहे हैं? मैंने हाल ही में Shri Hit Premanand Ji Maharaj का एक वीडियो देखा और सच कहूँ तो मेरा दिमाग हिल गया।
मेरी दादी माँ भी हमेशा कहती थीं की व्रत में संयम जरुरी है, लेकिन महाराज जी ने जो बताया वो next level है। उन्होंने clear बताया है की एकादशी का असली मतलब क्या है और हम लोग आजकल क्या गलतियां कर रहे हैं। तो क्या आप तैयार हो असली “हरितोष व्रत” के बारे में जानने के लिए? चलो start करते है।

यह सिर्फ एक दिन का व्रत नहीं है! (The 3-Day Rule):—
महाराज जी ने समझाया की एकादशी का फल तभी मिलता है जब हम इसे 3 दिनों के नियम (rule) से पालन करें। यह हम में से बहुत कम लोगों को पता है।
यह 3 दिन का process है —
- दशमी (Day Before): एक दिन पहले ही तैयारी शुरू हो जाती है। इस दिन कांसा (Bronze) के बर्तन में खाना, मसूर की दाल और शहद (Honey) avoid करना चाहिए। और हाँ, सिर्फ एक बार भोजन करना है।
- एकादशी (The Main Day): यह सबसे main दिन है।
- द्वादशी (Day After): व्रत खोलने का भी नियम है। इस दिन भी शहद, तेल और दोबारा भोजन करना मना है।
Premanand Ji की Special चेतावनी (Must Read):—
महाराज जी ने आजकल के “मॉडर्न व्रत” पर बहुत डांट लगाई है। Fasting या Feasting? हम लोग क्या करते हैं? एकादशी के दिन कुट्टू की पूरी, आलू की सब्जी, सिंघाड़े का हलवा और मिठाइयां खाते हैं। महाराज जी कहते हैं यह व्रत नहीं है! हरितोष व्रत: एकादशी का मतलब है “हरितोष” – यानी जो हरि (भगवान) को खुश करने के लिए किया जाए। अपने पेट को भरने के लिए नहीं।
Rules जो आपको पता होने चाहिए:
- No Sleeping: एकादशी के दिन ना तो दिन में सोना है और ना ही रात में। पूरी रात “जागकर” (Jagran) भगवान का कीर्तन करना चाहिए।
- Mobile Games: अगर आप व्रत में हैं और time pass के लिए मोबाइल पर गेम खेल रहे हैं, तो व्रत का कोई फायदा नहीं।
- No Twig Brushing: इस दिन दातुन (पेड़ की टहनी) तोड़कर brush करना भी मना है।
- Behavior: किसी की चुगली (gossip), झूठ बोलना या गुस्सा करना strictly मना है। मौन (Silence) रहना सबसे best है।
Parents की सेवा: सबसे बड़ा धर्म (Matru Devo Bhava):—

ये वीडियो का मेरा सबसे favorite part है। महाराज जी ने एक बहुत बड़ी बात कही जो हम young generation को समझनी चाहिए।
“Matru Devo Bhava, Pitru Devo Bhava” महाराज जी कहते हैं कि हमारे माता-पिता (Parents) साक्षात भगवान (Visible Gods) हैं। अगर आप एकादशी का निर्जला व्रत रख रहे हो, लेकिन घर में अपने बूढ़े माँ-बाप पर चिल्ला रहे हो या उन्हें दुखी कर रहे हो, तो आपका व्रत ZERO है।
Special बात जो दिल को छू गयी: उन्होंने कहा, अगर आपने माँ को रुलाया, तो जितने आंसू उनकी आँखों से गिरेंगे, उतने हजारों साल तक नरक भोगना पड़ेगा। चाहे आप कितना भी दान-पुण्य कर लो, अगर parents खुश नहीं हैं, तो भगवान कभी खुश नहीं होंगे। इसलिए व्रत से पहले, सेवा (Seva) जरुरी है।
पूजा विधि – Premanand Ji के अनुसार (Correct Method):—

अगर आप महाराज जी के बताये रस्ते पर चलना चाहते हैं, तो ऐसे करें:
Morning Routine:
- सुबह जल्दी उठें (Brahma Muhurat)।
- कोशिश करें की निर्जला (No water) व्रत रखें।
- अगर health allow नहीं करती, तो सिर्फ दूध (Milk) या फल (Fruit) लें।
- Avoid: तली-भुनी चीज़ें (Fried food) बिल्कुल ना खाएं।
Night Routine:
- रात को सोना नहीं है।
- भगवान के नाम का संकीर्तन (Chanting) करें। “राधा-राधा” या “हरे कृष्ण” मंत्र का जाप करें।
Life Lessons: 4 चीज़ें जो बर्बाद कर सकती हैं:–
महाराज जी ने एक श्लोक बताया की 4 चीज़ें इंसान का विनाश (Destruction) कर देती हैं अगर उसके पास “सत्संग” (Wisdom) ना हो:
- यौवन (Youth): जवानी का जोश।
- धन (Wealth): बहुत सारा पैसा।
- प्रभुत्व (Power): बड़ा पद या status.
- अविवेकता (Ignorance): सही-गलत की समझ ना होना।
अगर आपके पास पैसा और पावर है, तो घमंड मत करो। उसे दूसरों की सेवा में लगाओ, parents की सेवा में लगाओ। नहीं तो यही पैसा आपके विनाश का कारण बन जायेगा।
मेरे Personal टिप्स (Based on the Video):—
ये मेरे खुद के experience से है जो मैंने महाराज जी की बातों से सीखा:
- Diet Plan: इस बार एकादशी पर कुट्टू-पूरी की जगह सिर्फ fruit और milk पर रहने का try करें। Body और Mind बहुत light feel करेंगे।
- Digital Fasting: खाने के साथ-साथ, थोड़ा social media और gaming से भी व्रत रखें।
- Parents First: आज ही जाकर अपने parents के पास बैठें, उनके पैर दबाएं। उनका आशीर्वाद दुनिया के किसी भी व्रत से बड़ा है।
अंत में – क्या सीखा हमने? :—

तो दोस्तों, एकादशी सिर्फ भूखे रहने का नाम नहीं है, ये एक Tapasya है। महाराज जी की ये बातें कड़वी लग सकती हैं, लेकिन यही सच है।
- Parents की respect करो।
- दिखावे वाला व्रत मत रखो।
- भगवान के नाम में डूब जाओ।
अगर हम इसमें से 10% भी follow कर लें, तो हमारी life change हो सकती है। क्या आप इस बार “हरितोष व्रत” रखने का try करेंगे?
राधे राधे! 🙏 हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे!
Watch the full discourse here: [Embed YouTube Video: https://youtu.be/w-G-eZV6Wgw]