
परिचय (Introduction ) –
हर रोज़ हम सुबह उठते हैं, रोज़ सूरज भी उगता है पर असली उजाला तब होता है जब हमारी आत्मा जागती हैं।
आज के समय में सभी लोग बाहरी प्रकाश की ओर भागते जैसे कि नए लोगों, नए अबसर , नया सुख।
लेकिन जो अपने भीतर के उजाले को पहचान लेता है, उसी के जिंदगी में असली उजाला आता है।
उसके जीवन से अंधकार हमेशा हमेशा के लिए मिट जाता है।
आत्मा की रौशनी यानी की Inner light – वह शक्ति है जो हमें सही दिशा में ले जाती है।और जो हमें बताती है की हर उत्तर हमारे भीतर ही है, मैं बाहर देखने की जरूरत नहीं है।

आत्मा का प्रकाश क्या है?
आत्मा का प्रकाश कोई जादू नहीं है। यह हमारी जागरूकता है। जब हम शांत होकर अपने विचारों को देखते तथा अपने कर्मों को पहचानते हैं, तब धीरे धीरे हमारे भीतर से एक उजाला फैलने लगता है।
यह वही प्रकाश है जो हमें संकट में साहस देता है। दुख में धैर्य और सफलता मैं विनम्रता। देता है।
जिसने अपने बेहतर की लॉ को पहचान लिया उसे बाहरी दीपक की जरूरत नहीं है।
आध्यात्मिकता को पहचानना –
आज चन्द्रमा कन्या राशि में है।यह समय आप में सुधार और आत्मचिंतन का है।कन्या की ऊर्जा हमें ये ऐसे कहती हैं कि शुद्धता केवल हमारे शरीर की नहीं।हमारे सोच की भी होनी चाहिए।
चलो आज कुछ कल अपने भीतर जाते हैं, अपने मन से पूछे क्या मैं अपनी आत्मा की आवाज सुन पा रहा हूँ?

आत्मा की रोशनी कैसे जगाएँ (How to Awaken Inner Light):
- ध्यान करें: हर सुबह 5 मिनट अपनी सांस पर ध्यान दें।
- कृतज्ञ रहें: छोटी-छोटी चीज़ों के लिए धन्यवाद कहें।
- क्षमा करें: क्षमा आत्मा को हल्का करती है।
- सेवा करें: निःस्वार्थ कर्म ही आत्मा का उत्सव है।
- मंत्र जपें: “ॐ असतो मा सद्गमय” — यह अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाला मंत्र है।

आत्मा और ग्रहों का मेलझोल –
ज्योतिषी बताते हैं कि जब हम आत्मिक रूप से संतुलित होते हैं तो ग्रहों के अशुभ प्रभाव भी हमे छू नहीं पाते।लेकिन ब्रह्मांड का हर ग्रह नक्षत्र उसकी आत्मा की ऊर्जा से बना है।जो हमारे शरीर में भक्ति और ध्यान – यही दो पंख हैं जो आत्मा को उड़ान देते हैं।
आधुनिक जीवन में हम अपने अंदर के प्रकाश को कैसे जानें।
इस तेज रफ्तारी जीवन में हम यह भूल जाते हैं –
कि हम एक चेतना है, सिर्फ शरीर या भूमिका नहीं है।जब भी हम थके या भ्रमित हो – बस अपनी आँखें बंद करे और कहे मेरे भीतर एक प्रकाश है जो मुझे कभी भुजने नहीं देता।
यह याद आपको स्थिर कर देगी।
आज का विचार (Thought of the Day):
“अंधकार से लड़ने की ज़रूरत नहीं, बस अपने भीतर का दीपक जलाना है।”
— Nakshatra
आज का छोटा संकल्प –
आज किसी एक व्यक्ति को सच्चे मन से आशीर्वाद दे। अपने भीतर के प्रकाश को महसूस करें और मुस्कुराये।आपका यह भाव भी ब्रह्मांड को रोशन कर देगा। यही हमारे अंदर की खुशी है इसी को हमे पहचानना है।

निष्कर्ष:
आत्मा के प्रकाश को पहचानना जीवन का सबसे महान अभ्यास है। जब मन शांत होता है और आत्मा प्रकाशमान होती है, तो कोई भी स्थिति अंधकार में नहीं रहती। “भक्ति, ध्यान और प्रेम — यही वे त्रिशूल हैं जो अज्ञान के अंधकार को दूर करते हैं और जीवन को दिव्यता से भर देते हैं।”