आज का पंचांग 15 मार्च 2026 जानिए आज का शुभ मुहूर्त, राहुकाल और तिथि
📅 आज का पंचांग 15 मार्च 2026
📍 स्थान: पटियाला (Patiala) | वार: रविवार (Sunday) | विक्रम संवत: 2082
✨ आज का सारांश (Daily Summary)
आज 15 मार्च 2026 को फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी (Trayodashi) तिथि है। रविवार का दिन प्रत्यक्ष देवता भगवान सूर्य (Surya Dev) को समर्पित है। यह दिन ऊर्जा, आत्मविश्वास, नेतृत्व और स्वास्थ्य से जुड़े कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। विशेष: आज धनिष्ठा (Dhanishta) नक्षत्र रहेगा। चंद्रमा आज कुम्भ (Aquarius) राशि में गोचर करेगा, जो बौद्धिक कार्यों और सामाजिक संपर्कों को बढ़ावा देगा।
🎰 आज का लकी मीटर (Lucky Elements)
🔍 पंचांग के मुख्य अंग (Main Elements)
☀️ सूर्योदय / सूर्यास्त
सूर्योदय: ~06:34 AM
सूर्यास्त: ~06:32 PM
दिन की लंबाई: 11 घंटे 58 मिनट
सूर्य मीन (Pisces) राशि में प्रवेश
🌙 चंद्र स्थिति
चंद्र राशि: कुम्भ (Aquarius)
चंद्र उदय: ~05:15 AM (16 Mar)
चंद्र अस्त: ~04:20 PM
चंद्रमा का कुम्भ राशि में गोचर नए विचारों और नेटवर्किंग के लिए उत्तम है।
🔮 शुभ / अशुभ समय
- ⚠️ राहु काल: 04:30 PM – 06:00 PM
- 🕰️ यमगंड: 12:00 PM – 01:30 PM
- ⛔ गुलिक काल: 03:00 PM – 04:30 PM
- ✨ अभिजीत मुहूर्त: 12:08 PM – 12:55 PM
⏱️ चोघड़िया (Day)
- 🕊️ लाभ: 09:33 AM – 11:03 AM
- 🚶 अमृत: 11:03 AM – 12:33 PM
- 🌼 शुभ: 02:02 PM – 03:32 PM
🔮 आज का विशेष संकेत
रविवार भगवान सूर्य की आराधना का दिन है। उपाय: आज प्रातः काल स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल, लाल पुष्प और कुमकुम डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें। “आदित्य हृदय स्तोत्र” का पाठ करना आपके आत्मविश्वास और करियर में सफलता के लिए अत्यंत लाभकारी रहेगा। गुड़ या गेहूं का दान करना शुभ है।
⚠️ क्या करें, क्या न करें?
- ✅ करें: पिता या पिता समान व्यक्तियों का सम्मान करें, सरकारी या प्रशासनिक कार्यों की योजना बनाएं।
- ⛔ न करें: रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा (दिशाशूल) करने से बचें। यदि जाना अत्यंत आवश्यक हो तो दलिया या घी खाकर ही निकलें।
- ⛔ सावधानी: शाम 04:30 PM से 06:00 PM तक (राहु काल के दौरान) कोई भी नया और महत्वपूर्ण कार्य आरंभ न करें।
आचार्य रवि शास्त्री (Acharya Ravi Shastri)
Vedic Jyotish & Vastu Specialist
📍 Palwal, Haryana | 15+ Years of Experience
Disclaimer: यह पंचांग ग्रहों की गणना (पटियाला) पर आधारित है। समय में स्थान अनुसार सूक्ष्म परिवर्तन संभव है।