1 करोड़ से 13 करोड़ नाम जप का रहस्य

जानिए कितना नाम जप करने से कौन-से सुख की प्राप्ति होती है —
इस ब्लॉग में, मैं तुम्हे बताने वाला हु की नाम जप की संख्या (number of chants) और उससे मिलने वाले फलों (results) का विस्तार से वर्णन करने वाला हु ।
आइए जानते हैं नाम जप के पड़ाव और उनका महत्व (Stages and Significance of Naam Jaap):
जानिए कितना नाम जप करने से कौन-से सुख की प्राप्ति होती है (Know the benefits of chanting based on the count):

1 करोड़ नाम जप (1 Crore Chants):
- शरीर की शुद्धि (Purification of Body): जब 1 करोड़ नाम जप पूरा होता है, तो शरीर (body) पाप रहित (sinless) हो जाता है।
- रोगों का नाश: शरीर में जितने भी रोगों के बीज (seeds of diseases) होते हैं, वे नष्ट हो जाते हैं।
- सतोनी गुण: व्यक्ति के अंदर सतोगुण (Satoguna/Pure quality) की स्थिति बनी रहती है।
- स्वप्न में संतों (Saints) और देवताओं (Deities) के दर्शन होने लगते हैं।
2 करोड़ नाम जप (2 Crore Chants) :
- धन की शुद्धि (Purification of Wealth): 2 करोड़ जप होने पर निर्धनता (poverty) का नाश हो जाता है।
- अभाव खत्म: व्यक्ति के जीवन से धन का अभाव (lack of wealth) खत्म हो जाता है। महाराज जी कहते हैं कि या तो भगवान बहुत धन देते हैं या धन की चाह (desire for wealth) ही समाप्त कर देते हैं।
- संसार की सारी सुख-सुविधाएं (comforts) भक्त के पीछे वैसे ही भागती हैं जैसे नदियां समुद्र की ओर।
3 करोड़ नाम जप (3 Crore Chants) :
- असाध्य कार्य सिद्ध (Impossible tasks become possible): जो कार्य पहले कठिन लगते थे (जैसे क्रोध छोड़ना), वे सहज ही सिद्ध हो जाते हैं।
- संसार का प्रेम: पूरा संसार (world) उस भक्त से सगे भाई जैसा प्रेम करने लगता है।
4 करोड़ नाम जप (4 Crore Chants):
- सुख स्थान की शुद्धि (Purification of Happiness): हृदय (Heart) पवित्र हो जाता है।
- द्वंद से मुक्ति: मान-अपमान (honor-insult) और सुख-दुःख का प्रभाव खत्म हो जाता है।
- व्यक्ति को नित्यत्व बोध (realization of eternity) का सुख मिलता है और कायिक, वाचिक, मानसिक दुःख दूर हो जाते हैं।
5 करोड़ नाम जप (5 Crore Chants):
- विद्या का स्थान (Place of Knowledge): 5 करोड़ जप होते ही अपार ज्ञान (limitless knowledge) का उदय होता है।
- वाक सिद्धि (Power of Speech): भक्त जो बोल देता है, वह सत्य हो जाता है।
- अगर कोई कामना (desire) बची हो (जैसे पुत्र, आयु या विद्वता), तो वह तुरंत पूरी हो जाती है।
6 करोड़ नाम जप (6 Crore Chants):
- शत्रु नाश (Destruction of Enemies): काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद और मत्सर — ये 6 आंतरिक शत्रु (internal enemies) नष्ट हो जाते हैं।
- रोग मुक्ति: अगर कोई असाध्य रोग (incurable disease) भी हो, तो संकल्प मात्र से ठीक हो जाता है।
7 करोड़ नाम जप (7 Crore Chants):
- काम विजय (Victory over Lust): 7 करोड़ जप पूरा होने पर त्रिभुवन की कोई भी सुंदरी या अप्सरा (celestial damsel) साधक को आकर्षित नहीं कर सकती।
- साक्षात महापुरुषों (Great Saints) जैसे नारद जी आदि के दर्शन होने लगते हैं।
8 करोड़ नाम जप (8 Crore Chants):
- मृत्यु भय समाप्त (Fear of Death ends): अकाल मृत्यु (premature death) का योग टल जाता है।
- साधक आत्म-सिंहासन (throne of the self) पर विराजमान हो जाता है।
9 करोड़ नाम जप (9 Crore Chants):
- साक्षात्कार (Divine Vision): इष्ट देव (Ishta Devta – Ram/Krishna/Radha) साक्षात प्रकट हो जाते हैं।
- वाणी (Speech) पूर्णतः सत्य हो जाती है, जो कह दिया वही होगा।
10 से 13 करोड़ नाम जप (10 to 13 Crore Chants):
- 10 करोड़: संचित और क्रियमाण कर्म (Karmas) जलकर भस्म हो जाते हैं। मोक्ष (Liberation) का मार्ग खुल जाता है।
- 11 करोड़: भगवान की लीलाओं (Divine Pastimes) में प्रवेश मिल जाता है। चाहे अयोध्या हो या गोकुल, भक्त सब देख सकता है।
- 12 करोड़: भगवान भक्त के अधीन (subservient) हो जाते हैं और उसके पीछे-पीछे डोलते हैं।
- 13 करोड़: भक्त में इतनी शक्ति आ जाती है कि वह किसी भी पापी को मोक्ष (salvation) प्रदान कर सकता है।
नाम जप का सार (Essence of Chanting) महाराज जी कहते हैं कि असली फल तो “चाह का मिट जाना” (end of desires) है। हमें भगवान से सौदा नहीं करना चाहिए, बल्कि निरंतर नाम जप करना चाहिए। इसलिए हमें जितना हो उतना नाम लेना चाहिए नाम लेने से हमारे जीवन के सारे दुःख, दर्द, कष्ट , सभी हमारे जिंदगी से दूर रहेंगे इसलिए नाम लेते रहो। गोस्वामी तुलसीदास जी ने कहा है — “राम नाम मनिदीप धरु जीह देहरी द्वार” (Place the jewel of Ram Naam on the threshold of your tongue).
निष्कर्ष (Conclusion): चाहे धन (wealth) चाहिए, शांति (peace) चाहिए या भगवान (God) — सबका रास्ता केवल नाम जप (Naam Jaap) ही है। 1 करोड़ से यात्रा शुरू करें और देखें कि जीवन कैसे बदलता है।