2026 के सभी शादी के शुभ मुहूर्त देखें — महीनेवार विवाह तिथियाँ, अबूझ मुहूर्त, फुलेरा दूज, अक्षय तृतीया व देवउठनी की complete जानकारी। Perfect wedding guide!
शादी के शुभ मुहूर्त 2026: संपूर्ण मासिक गाइड
नमस्कार! भारतीय संस्कृति में विवाह दो आत्माओं का पवित्र मिलन है। एक “शुभ मुहूर्त” सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि ग्रहों और नक्षत्रों का वह दिव्य क्षण है, जो आपके नए जीवन को सुख, समृद्धि और प्रेम का आशीर्वाद देता है। 2026 में शादी की योजना बना रहे हैं? यह है आपकी संपूर्ण गाइड।
2026 के महीने-वार शुभ विवाह मुहूर्त
यहाँ 2026 में विवाह के लिए सभी शुभ तारीखों की एक संपूर्ण मासिक सूची दी गई है।
जनवरी 2026 (6 शुभ दिन)
8 जनवरी, बृहस्पतिवार
- नक्षत्र: रोहिणी
- तिथि: नवमी
- मुहूर्त: सुबह 07:30 – दोपहर 01:15
12 जनवरी, सोमवार
- नक्षत्र: पुष्य
- तिथि: त्रयोदशी
- मुहूर्त: दोपहर 12:00 – शाम 06:30
18 जनवरी, रविवार
- नक्षत्र: अनुराधा
- तिथि: षष्ठी
- मुहूर्त: सुबह 08:00 – दोपहर 02:45
22 जनवरी, बृहस्पतिवार
- नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा
- तिथि: दशमी
- मुहूर्त: दोपहर 01:00 – शाम 07:15
25-26 जनवरी, सोम/रवि
- नक्षत्र: रेवती, अश्विनी
- तिथि: त्रयोदशी, चतुर्दशी
- मुहूर्त: दोनों दिन शुभ
फरवरी 2026 (13 शुभ दिन)
5-6 फरवरी, गुरु/शुक्र
- नक्षत्र: उत्तर फाल्गुनी, हस्त
- तिथि: चतुर्थी, पञ्चमी
- मुहूर्त: 5 (07:08) – 6 (07:07)
8 फरवरी, रविवार
- नक्षत्र: स्वाती
- तिथि: सप्तमी
- मुहूर्त: रात 12:08 – 9 (05:02)
10 फरवरी, मंगलवार
- नक्षत्र: अनुराधा
- तिथि: नवमी
- मुहूर्त: सुबह 07:55 – 11 (01:42)
12 फरवरी, बृहस्पतिवार
- नक्षत्र: मूल
- तिथि: एकादशी
- मुहूर्त: रात 08:20 – 13 (03:06)
15 फरवरी, रविवार
- नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा
- तिथि: चतुर्दशी
- मुहूर्त: सुबह 05:45 – दोपहर 02:30
19 फरवरी, बृहस्पतिवार
- नक्षत्र: रोहिणी
- तिथि: द्वितीया
- मुहूर्त: पूरा दिन शुभ
20-24 फरवरी (गोल्डन पीरियड)
- नक्षत्र: मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य
- तिथि: तृतीया से सप्तमी तक
- मुहूर्त: 5 दिन लगातार शुभ
मार्च 2026 (9 शुभ दिन)
2-3 मार्च, सोम/मंगल
- नक्षत्र: मघा, पूर्व फाल्गुनी
- तिथि: चतुर्दशी, पूर्णिमा
- मुहूर्त: 2 (13:46) – 3 (07:31)
4 मार्च, बुधवार
- नक्षत्र: उत्तर फाल्गुनी
- तिथि: प्रतिपदा
- मुहूर्त: सुबह 07:39 – 08:52
7-8 मार्च, शनि/रवि
- नक्षत्र: स्वाति
- तिथि: चतुर्थी, पञ्चमी
- मुहूर्त: 7 (11:15) – 8 (06:43)
10-12 मार्च (3 दिन)
- नक्षत्र: विशाखा, अनुराधा
- तिथि: सप्तमी, अष्टमी, नवमी
- मुहूर्त: लगातार 3 दिन शुभ
15-17 मार्च (3 दिन)
- नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा, श्रवण
- तिथि: त्रयोदशी, चतुर्दशी, पूर्णिमा
- मुहूर्त: होलाष्टक से पहले 3 दिन
18-25 मार्च
अप्रैल 2026 (8 शुभ दिन)
15 अप्रैल, बुधवार
- नक्षत्र: पुष्य
- तिथि: अष्टमी
- मुहूर्त: सुबह 06:30 – दोपहर 12:45
19 अप्रैल, रविवार
- नक्षत्र: रोहिणी
- तिथि: तृतीया
- मुहूर्त: पूरा दिन शुभ
20-21 अप्रैल, सोम/मंगल
- नक्षत्र: मृगशिरा, आर्द्रा
- तिथि: चतुर्थी, पञ्चमी
- मुहूर्त: 20 (08:15) – 21 (18:45)
25-29 अप्रैल (5 दिन)
- नक्षत्र: पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मघा
- तिथि: नवमी से त्रयोदशी तक
- मुहूर्त: 5 दिन लगातार शुभ
मई 2026 (9 शुभ दिन)
1 मई, शुक्रवार
- नक्षत्र: मघा
- तिथि: चतुर्दशी
- मुहूर्त: सुबह 09:00 – दोपहर 02:30
3 मई, रविवार
- नक्षत्र: उत्तर फाल्गुनी
- तिथि: प्रतिपदा
- मुहूर्त: सुबह 07:30 – शाम 06:15
5-8 मई (4 दिन)
- नक्षत्र: हस्त, चित्रा, स्वाति, विशाखा
- तिथि: तृतीया से षष्ठी तक
- मुहूर्त: 4 दिन लगातार शुभ
13-14 मई, बुध/गुरु
- नक्षत्र: ज्येष्ठा, मूल
- तिथि: एकादशी, द्वादशी
- मुहूर्त: दोनों दिन शुभ (शाम)
जून 2026 (8 शुभ दिन)
21-27 जून (7 दिन)
- नक्षत्र: विभिन्न शुभ नक्षत्र
- तिथि: विभिन्न शुभ तिथियाँ
- मुहूर्त: 7 दिन लगातार शुभ
29 जून, सोमवार
- नक्षत्र: रेवती
- तिथि: चतुर्थी
- मुहूर्त: शाम 05:00 – रात 10:30
जुलाई 2026 (5 शुभ दिन)
1 जुलाई, बुधवार
- नक्षत्र: अश्विनी
- तिथि: षष्ठी
- मुहूर्त: सुबह 08:00 – दोपहर 01:00
6-7 जुलाई, सोम/मंगल
- नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा
- तिथि: एकादशी, द्वादशी
- मुहूर्त: दोनों दिन शुभ
11-12 जुलाई, शनि/रवि
- नक्षत्र: पुष्य, आश्लेषा
- तिथि: प्रतिपदा, द्वितीया
- मुहूर्त: दोनों दिन शुभ
अगस्त – अक्टूबर 2026
कोई मुहूर्त नहीं
- कारण: चातुर्मास (देवशयनी)
- विवरण: इस अवधि में भगवान विष्णु योग निद्रा में होते हैं, इसलिए कोई मांगलिक कार्य नहीं किए जाते।
नवंबर 2026 (4 शुभ दिन)
20 नवंबर, शुक्रवार
- नक्षत्र: रोहिणी
- तिथि: एकादशी
- मुहूर्त: पूरा दिन शुभ
21 नवंबर, शनिवार
- नक्षत्र: मृगशिरा
- तिथि: द्वादशी
- मुहूर्त: सुबह 09:30 – शाम 05:45
24-26 नवंबर (3 दिन)
- नक्षत्र: पुष्य, आश्लेषा, मघा
- तिथि: पूर्णिमा, प्रतिपदा, द्वितीया
- मुहूर्त: लगातार 3 दिन शुभ
दिसंबर 2026 (7 शुभ दिन)
2-6 दिसंबर (5 दिन)
- नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु
- तिथि: सप्तमी से एकादशी तक
- मुहूर्त: 5 दिन लगातार शुभ
11-12 दिसंबर, शुक्र/शनि
- नक्षत्र: उत्तर फाल्गुनी, हस्त
- तिथि: द्वादशी, त्रयोदशी
- मुहूर्त: दोनों दिन शुभ
👑 2026 के 3 सबसे शक्तिशाली ‘अबूझ मुहूर्त’
“अबूझ मुहूर्त” साल के वे दिन होते हैं जो इतने पवित्र होते हैं कि इन पर विवाह करने के लिए पंचांग देखने की आवश्यकता नहीं होती।
- फुलेरा दूज (19 फरवरी): भगवान कृष्ण और राधा रानी के प्रेम का प्रतीक यह दिन, किसी भी दोष को समाप्त करने की शक्ति रखता है।
- अक्षय तृतीया (19 अप्रैल): “अक्षय” का अर्थ है “जिसका कभी क्षय न हो”। यह साल का सबसे शक्तिशाली दिन है, जो अनंत सौभाग्य लाता है।
- देवउठनी एकादशी (20 नवंबर): 3 महीने के चातुर्मास के बाद, भगवान विष्णु के जागने का यह पवित्र दिन, शादियों के मौसम की दिव्य शुरुआत करता है।
प्रो टिप: इन तीन तारीखों पर बहुत ज्यादा डिमांड होती है। अगर आप इन दिनों की योजना बना रहे हैं, तो अपना वेन्यू 8-10 महीने पहले ही बुक कर लें!
⚠️ विशेषज्ञ की सलाह: सामान्य बनाम व्यक्तिगत मुहूर्त
यह सूची पंचांग पर आधारित एक सामान्य गाइड है। लेकिन, हर जोड़े की कुंडली अद्वितीय होती है। एक **”व्यक्तिगत मुहूर्त”** आपकी और आपके साथी की कुंडली, नक्षत्र, और लग्न के आधार पर निकाला जाता है। यह मंगल दोष या नाड़ी दोष जैसे कारकों का भी ध्यान रखता है।
हमारी सलाह: इन तारीखों को अपनी पसंद के आधार पर चुनें, लेकिन अंतिम निर्णय लेने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिषी से **अपनी कुंडलियों का मिलान** अवश्य कराएँ।
आपकी शादी यादगार, मंगलमय और अनंत सुखों से भरी हो! 💑✨
© 2024-2026. यह जानकारी ज्योतिषीय पंचांग पर आधारित है। अंतिम निर्णय लेने से पहले अपने परिवार के ज्योतिषी से व्यक्तिगत परामर्श अवश्य लें।