24 नवंबर 2025 का पंचांग — तिथि, नक्षत्र, योग, राहुकाल और शुभ मुहूर्त जानें।
📅 आज का पंचांग – 24 नवंबर 2025
📍 स्थान: उत्तर भारत (North India) | वार: सोमवार | ऋतु: हिमंत / शरद-प्रारंभ
✨ आज का सारांश
आज शुक्ल-पक्ष चतुर्थी तिथि ~21:22 बजे तक रहेगी, तत्पश्चात पञ्चमी तिथि प्रारंभ होगी। सुबह पूर्वाषाढा नक्षत्र रहेगा (~21:53 बजे तक), तत्पश्चात उत्तराषाढा नक्षत्र प्रवेश करेगा।
- हिंदू माह: मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमान्त)
- पक्ष: शुक्ल
- तिथि: चतुर्थी ⟶ ~21:22 बजे → पञ्चमी
- नक्षत्र: पूर्वाषाढा ⟶ ~21:53 बजे → उत्तराषाढा
- योग: शूल योग ~12:08 PM तक → तत्पश्चात गण्ड योग
- करण: वणिजा ⟶ ~08:26 AM तक, तत्पश्चात विष्टि ⟶ ~21:22 बजे
☀️ सूर्योदय / सूर्यास्त
सूर्योदय: ~06:55 AM
सूर्यास्त: ~05:20 PM
दिन की लंबाई: लगभग 10 घंटे 25 मिनट
सुबह-आरंभ एवं शाम-समापन दोनों समय सजगता के लिए अनुकूल।
🌙 चंद्र उदय / चंद्र राशि
चंद्र उदय: ~10:19 AM
चंद्र राशि: धनु (~दिनभर) ⟶ तत्पश्चात मकर राशि
परिवार-संबंध, अध्ययन व उन्नति-विचार हेतु अनुकूल समय।
🔮 शुभ / अशुभ समय
- ⚠️ राहु काल: ~08:10 AM – ~09:29 AM
- 🕰️ यमगंड: ~10:49 AM – ~12:07 PM
- ⛔ गुलिक काल: ~01:25 PM – ~02:43 PM
- 🌅 ब्रह्म मुहूर्त: ~05:19 AM – ~06:07 AM
इन कालों में नए कार्य आरंभ करने/निर्णय लेने में संयम रखें।
⏱️ चोघड़िया / मुहूर्त
🌿 लाभ: ~10:24 AM – ~11:44 AM
🌸 अमृत: ~04:34 PM – ~06:20 PM
🔥 काल: ~06:01 AM – ~07:47 AM
🌼 शुभ: ~11:46 AM – ~12:28 PM
“लाभ / अमृत / शुभ” मुहूर्त में किए गए कार्य विशेष रूप से सफल माने जाते हैं।
🪔 आज का आध्यात्मिक दृष्टिकोण
आज चतुर्थी तिथि अंत तथा पञ्चमी प्रारंभ का स्थान है। यह दिन व्रत, पूजा-पाठ व आध्यात्मिक चिंतन के लिए उपयुक्त है। संयम, विनम्रता व स्पष्टता आज आपका मार्गदर्शक बनें।
🌿 पूजा विधि
सुबह-प्रारंभ में गणेश-पूजा करें (वरद चतुर्थी) और गंगा-जल से विधि सम्पन्न करें। हल्का-स्वाद भोजन करें और संयमित रहें।
🧘 आज का उपाय
दान-पुण्य करें, तुलसी-माला चढ़ाएं और आज की शुभ तिथि में मन को शांत रखकर कार्य करें।
💫 दिन का संदेश
आज नया आरंभ करने से पहले पिछले अनुभवों से सीख लें। छोटी शुरुआत से बड़ी उड़ान संभव है।