29 नवंबर 2025 का पंचांग — एकादशी तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ मुहूर्त देखें।
📅 आज का पंचांग – 15 नवंबर 2025
📍 स्थान: उत्तर भारत (North India) | वार: शनिवार | ऋतु: हिमंत / शरद-प्रारंभ
✨ आज का सारांश
आज कृष्ण-पक्ष एकादशी तिथि चल रही है (उत्पन्ना एकादशी) — ~दिनभर। प्रारंभ तिथि एवं समय का पूरा ध्यान रखें। सुबह उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र रहेगा (~दिनभर)– शुभ विचारों व संयम की कुंजी।
- हिंदू माह: मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमान्त)
- पक्ष: कृष्ण
- तिथि: एकादशी ⟶ दिनभर
- नक्षत्र: उत्तर फाल्गुनी ⟶ दिनभर
- योग: विष्कुम्भ योग चल रहा है
- करण: बव ⟶ ~12:50 AM – ~01:40 PM, तत्पश्चात बलव
☀️ सूर्योदय / सूर्यास्त
सूर्योदय: ~06:44 AM
सूर्यास्त: ~05:38 PM
दिन की लंबाई: लगभग 10 घंटे 54 मिनट
सुबह-आरंभ और शाम-समापन दोनों समय सजगता हेतु उत्तम।
🌙 चंद्र उदय / चंद्र राशि
चंद्र उदय: ~02:21 AM
चंद्र राशि: कन्या (~दिनभर) ⟶ तत्पश्चात तुला
ध्यान, विचार व संयम के लिए अनुकूल समय।
🔮 शुभ / अशुभ समय
- ⚠️ राहु काल: ~09:28 AM – ~10:49 AM
- 🕰️ यमगंड: ~01:33 PM – ~02:54 PM
- ⛔ गुलिक काल: ~06:44 AM – ~08:06 AM
- 🌅 ब्रह्म मुहूर्त: ~05:09 AM – ~05:57 AM
इन कालों में नए कार्य आरंभ करने से विशेष सावधानी रखें।
⏱️ चोघड़िया / मुहूर्त
🌿 लाभ: ~08:06 AM – ~09:28 AM
🌸 अमृत: ~03:40 PM – ~05:25 PM
🔥 काल: ~06:44 AM – ~08:06 AM
🌼 शुभ: ~11:49 AM – ~12:33 PM
“लाभ / अमृत / शुभ” मुहूर्त में किए गए कार्य विशेष रूप से सफल माने जाते हैं।
🪔 आज का आध्यात्मिक दृष्टिकोण
आज एकादशी व्रत एवं संयम का दिन है। कृष्ण-पक्ष की एकादशी तिथि सामाजिक व आध्यात्मिक दोनों रूप से महत्वपूर्ण है। भाव-विचार, अध्यात्म एवं नैतिक दृष्टिकोण आज विशेष प्रभाव डालेंगे—जल्दीबाजी से बचें और शांत मन से कार्य करें।
🌿 पूजा विधि
उत्पन्ना एकादशी व्रत के अंतर्गत विष्णु पूजा व आराधना करें। तुलसी एवं दीपक का प्रयोग करें। हल्का भोजन एवं व्रत विधि अपनाएँ।
🧘 आज का उपाय
आज दान-पुण्य करें, संयमित रहें और मन को नियंत्रण में रखें। धार्मिक क्रिया व व्रत आज विशेष रूप से लाभदायक होंगे।
💫 दिन का संदेश
आज आध्यात्मिक उन्नति एवं आंतरिक शांति पर ध्यान दें। कार्यों में जल्दबाजी न करें—समय और परिस्थिति को समझें।