आज का पंचांग 14 मार्च 2026: शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज की तिथि
📅 आज का पंचांग 14 मार्च 2026
📍 स्थान: पटियाला (Patiala) | वार: शनिवार (Saturday) | विक्रम संवत: 2082
✨ आज का सारांश (Daily Summary)
आज 14 मार्च 2026 को फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी (Dwadashi) तिथि है। शनिवार का दिन न्याय के देवता शनि देव और संकटमोचन हनुमान जी को समर्पित है। यह दिन कर्मों का विश्लेषण करने, धैर्य रखने और दान-पुण्य के कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। विशेष: आज श्रवण (Shravana) नक्षत्र रहेगा। चंद्रमा आज भी मकर (Capricorn) राशि में ही गोचर करेगा, जो कार्यों में स्थिरता और न्यायप्रियता को बढ़ावा देगा।
🎰 आज का लकी मीटर (Lucky Elements)
🔍 पंचांग के मुख्य अंग (Main Elements)
☀️ सूर्योदय / सूर्यास्त
सूर्योदय: ~06:35 AM
सूर्यास्त: ~06:31 PM
दिन की लंबाई: 11 घंटे 56 मिनट
सूर्य कुम्भ राशि में
🌙 चंद्र स्थिति
चंद्र राशि: मकर (Capricorn)
चंद्र उदय: ~04:30 AM (15 Mar)
चंद्र अस्त: ~03:10 PM
चंद्रमा का मकर राशि में गोचर कार्यों में स्थिरता और न्यायप्रियता को बढ़ावा देगा।
🔮 शुभ / अशुभ समय
- ⚠️ राहु काल: 09:34 AM – 11:03 AM
- 🕰️ यमगंड: 02:02 PM – 03:32 PM
- ⛔ गुलिक काल: 06:35 AM – 08:05 AM
- ✨ अभिजीत मुहूर्त: 12:09 PM – 12:56 PM
⏱️ चोघड़िया (Day)
- 🌼 शुभ: 08:05 AM – 09:34 AM
- 🏃 चर: 12:33 PM – 02:02 PM
- 🕊️ लाभ: 02:02 PM – 03:32 PM
- 🚶 अमृत: 03:32 PM – 05:01 PM
🔮 आज का विशेष संकेत
शनिवार का दिन शनि देव की कृपा पाने का सर्वश्रेष्ठ दिन है। उपाय: आज के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करें और शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं। असहाय और जरूरतमंद लोगों को काली उड़द, काले तिल या लोहे की वस्तुओं का दान करना अत्यंत फलदायी रहेगा।
⚠️ क्या करें, क्या न करें?
- ✅ करें: धैर्य रखें, न्यायपूर्ण आचरण करें और जरूरतमंदों की मदद करें।
- ⛔ न करें: शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा (दिशाशूल) करने से बचें। यदि जाना अत्यंत आवश्यक हो तो घर से अदरक या उड़द की दाल खाकर ही निकलें।
- ⛔ सावधानी: सुबह 09:34 AM से 11:03 AM तक (राहु काल के दौरान) कोई भी नया शुभ कार्य या अहम लेन-देन न करें।
आचार्य रवि शास्त्री (Acharya Ravi Shastri)
Vedic Jyotish & Vastu Specialist
📍 Palwal, Haryana | 15+ Years of Experience
Disclaimer: यह पंचांग ग्रहों की गणना (पटियाला) पर आधारित है। समय में स्थान अनुसार सूक्ष्म परिवर्तन संभव है।