13 March 2026 आज का पंचांग शुभ मुहूर्त राहुकाल और तिथि
📅 आज का पंचांग 13 मार्च 2026
📍 स्थान: पटियाला (Patiala) | वार: शुक्रवार (Friday) | विक्रम संवत: 2082
✨ आज का सारांश (Daily Summary)
आज 13 मार्च 2026 को फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी (Ekadashi) तिथि है। शुक्रवार का दिन धन, ऐश्वर्य और वैभव की देवी माता लक्ष्मी तथा शुक्र देव को समर्पित है। यह दिन कला, रचनात्मकता, और भौतिक सुख-सुविधाओं से जुड़े कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। विशेष: आज उत्तराषाढ़ा नक्षत्र रहेगा। चंद्रमा धनु राशि से निकलकर मकर (Capricorn) राशि में गोचर करेगा, जो कर्मठता और कार्यक्षेत्र में स्थिरता को बढ़ावा देगा।
🎰 आज का लकी मीटर (Lucky Elements)
🔍 पंचांग के मुख्य अंग (Main Elements)
☀️ सूर्योदय / सूर्यास्त
सूर्योदय: ~06:36 AM
सूर्यास्त: ~06:30 PM
दिन की लंबाई: 11 घंटे 54 मिनट
सूर्य कुम्भ राशि में
🌙 चंद्र स्थिति
चंद्र राशि: मकर (Capricorn)
चंद्र उदय: ~03:45 AM (14 Mar)
चंद्र अस्त: ~02:20 PM
चंद्रमा का मकर राशि में गोचर कार्यक्षेत्र में अनुशासन और सफलता दिलाएगा।
🔮 शुभ / अशुभ समय
- ⚠️ राहु काल: 11:02 AM – 12:31 PM
- 🕰️ यमगंड: 03:30 PM – 04:59 PM
- ⛔ गुलिक काल: 08:04 AM – 09:33 AM
- ✨ अभिजीत मुहूर्त: 12:09 PM – 12:55 PM
⏱️ चोघड़िया (Day)
- 🕊️ लाभ: 08:04 AM – 09:33 AM
- 🚶 अमृत: 09:33 AM – 11:02 AM
- 🌼 शुभ: 12:31 PM – 02:00 PM
🔮 आज का विशेष संकेत
शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी और शुक्र ग्रह को प्रसन्न करने का है। एकादशी तिथि होने के कारण आज का दिन और भी पवित्र है। उपाय: आज के दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की संयुक्त पूजा करें। “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” और “ॐ श्रीं श्रियै नमः” का जाप करें। इससे धन और सुख-समृद्धि के मार्ग खुलेंगे।
⚠️ क्या करें, क्या न करें?
- ✅ करें: माता लक्ष्मी की उपासना करें, सात्विक भोजन ग्रहण करें और संभव हो तो एकादशी का व्रत रखें।
- ⛔ न करें: शुक्रवार को पश्चिम दिशा की यात्रा (दिशाशूल) करने से बचें। यदि जाना अत्यंत आवश्यक हो तो घर से दही या राई खाकर ही निकलें।
- ⛔ सावधानी: सुबह 11:02 AM से 12:31 PM तक (राहु काल के दौरान) कोई भी नया शुभ कार्य या अहम लेन-देन न करें।
आचार्य रवि शास्त्री (Acharya Ravi Shastri)
Vedic Jyotish & Vastu Specialist
📍 Palwal, Haryana | 15+ Years of Experience
Disclaimer: यह पंचांग ग्रहों की गणना (पटियाला) पर आधारित है। समय में स्थान अनुसार सूक्ष्म परिवर्तन संभव है।