आज का पंचांग 05 मार्च 2026
📅 आज का पंचांग 05 मार्च 2026
📍 स्थान: पटियाला (Patiala) | वार: गुरुवार (Thursday) | विक्रम संवत: 2082
✨ आज का सारांश (Daily Summary)
आज 05 मार्च 2026 को फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया (Tritiya) तिथि रात्रि 09:45 PM तक रहेगी। आज गुरुवार का दिन श्री हरि विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित है। यह दिन शिक्षा, ज्ञान, आध्यात्मिक उन्नति, विवाह संबंधी चर्चा और मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। विशेष: आज हस्त नक्षत्र रात्रि 02:10 AM (6 मार्च) तक रहेगा। यह नक्षत्र व्यापार, शिल्प कला और नए कौशल सीखने के लिए बेहतरीन माना जाता है। चंद्रमा पूरे दिन कन्या (Virgo) राशि में गोचर करेगा।
🎰 आज का लकी मीटर (Lucky Elements)
🔍 पंचांग के मुख्य अंग (Main Elements)
☀️ सूर्योदय / सूर्यास्त
सूर्योदय: ~06:45 AM सूर्यास्त: ~06:23 PM दिन की लंबाई: 11 घंटे 38 मिनट सूर्य कुम्भ राशि में
🌙 चंद्र स्थिति
चंद्र राशि: कन्या (Virgo) चंद्र उदय: ~09:12 PM चंद्र अस्त: ~08:35 AM (6 Mar) चंद्रमा का कन्या राशि में गोचर बौद्धिक क्षमता, तार्किक सोच और प्रबंधन कौशल को बढ़ाएगा।
🔮 शुभ / अशुभ समय
- ⚠️ राहु काल: 02:01 PM – 03:28 PM
- 🕰️ यमगंड: 06:45 AM – 08:12 AM
- ⛔ गुलिक काल: 09:39 AM – 11:06 AM
- ✨ अभिजीत मुहूर्त: 12:10 PM – 12:56 PM
⏱️ चोघड़िया (Day)
- 🕊️ शुभ: 06:45 AM – 08:12 AM
- 🚶 चर: 11:06 AM – 12:34 PM
- 🌼 लाभ: 12:34 PM – 02:01 PM
🔮 आज का विशेष संकेत
गुरुवार का दिन देवगुरु बृहस्पति की कृपा प्राप्त करने का है। उपाय: आज के दिन भगवान विष्णु को पीले फूल और चने की दाल-गुड़ का भोग लगाएं। केले के वृक्ष में जल अर्पित करें और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का जाप करें। इससे कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होंगी।
⚠️ क्या करें, क्या न करें?
- ✅ करें: गुरुजनों, शिक्षकों या घर के बड़ों का आशीर्वाद लें। धार्मिक पुस्तकों का पठन-पाठन करें।
- ⛔ न करें: गुरुवार को दक्षिण दिशा की यात्रा (दिशाशूल) करने से बचें। यदि जाना अत्यंत आवश्यक हो तो घर से दही-जीरा खाकर ही निकलें।
- ⛔ सावधानी: दोपहर 02:01 PM से 03:28 PM तक (राहु काल के दौरान) कोई भी नया शुभ कार्य, विवाह चर्चा या अहम लेन-देन न करें।
आचार्य रवि शास्त्री (Acharya Ravi Shastri)
Vedic Jyotish & Vastu Specialist
📍 Palwal, Haryana | 15+ Years of Experience
Disclaimer: यह पंचांग ग्रहों की गणना (पटियाला) पर आधारित है। समय में स्थान अनुसार सूक्ष्म परिवर्तन संभव है।